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Blog Bhakti Sadhna

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क्या आप जानते है कि वैष्णो देवी गुफा असली की जगह नकली भी हो सकती है?

जी हाँ। ये सच है। ज़रा गौर फरमाइए। जब आप माता वैष्णो देवी के दर्शन करने जा रहे हैं तो हो सकता है कि आप दर्शन के लिए नकली गुफा से जाएं और असली गुफा आपको बन्द मिले। माता वैष्णो देवी के दर्शन को जाते हुए श्रृद्धालुओं को एक चकोर आँगन पार करने के बाद दाहिने हाथ पर पवित्र गुफा मिलती है। ये ही वो वास्तविक गुफा है जो पुराने समय से श्रृद्धालुओं को माता की पवित्र पिण्डियों तक ले जाती रही है। पुराने दिनों में यात्री इसी गुफा के द्वारा माता की पिण्डियों तक जाते थे। पर वर्तमान में ये गुफा वर्ष में अधिकांश समय बंद रहती है और श्रृद्धालुओं को नकली गुफा से माता तक जाते हैं।

2016-11-15 03:59:14

2016 Lakshmi Puja Muhurat based on fixed Lagna for New Delhi, NCT, India

Fixed Lagna Lakshmi Puja Timings, 2016 Lakshmi Puja Muhurat based on fixed Lagna for New Delhi, NCT, India

2016-10-29 05:51:54

बालाजी भगवान जो दिलाते हैं वीज़ा - चिल्कुर वीज़ा बालाजी

अगर आप विदेश जाने की सोच रहे हैं और वीज़ा नहीं मिल रहा है तो परेशान नहीं हों। आपको वीज़ा जरूर मिलेगा और विदेश जाने की आपकी हसरत भी जरूर पूरी होगी। पर कैसे? ये आसान होगा वीज़ा बालाजी के दर्शन करने पर। जी हाँ बालाजी भगवान का ये मंदिर इस बात के लिए ही प्रख्यात है कि यहाँ लोगों की वीज़ा पाने की मुराद पूरी होती है। वीज़ा बालाजी लोगों के वीज़ा मिलने में आ रही समस्यों को दूर कर उन्हें वीज़ा दिलवाते हैं। तो आइए जाने इस मंदिर के बारे में।

2016-05-12

रहस्मयी कालभैरव मंदिर जहाँ भगवान मदिरापान करते हैं

एक आम इंसान एक दिन में सीमित मात्रा में शराब पी सकता है पर आप तब क्या कहेंगे जब हम कहें कि भगवान की मूर्ति मदिरा पीती है और वो भी इतनी ज़्यादा मात्रा में कि आप हैरान रह जायेंगे। जी हाँ। भगवान की पत्थर से बनी ये मूर्ति एक दिन में हज़ारों बाॅटल मदिरा पी जाती है। आपके लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं होगा और ये आश्चर्यजनक चमत्कार करते हैं भगवान कालभैरव।

2016-05-12

गायत्री मंत्र की सबसे अधिक मान्यता क्यों?

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्। गायत्री भारतीय संस्कृति का सनातन और अनादि मंत्र है। पुराणों में कहा गया है कि परम पिता ब्रह्मा को आकाशवाणी से गायत्री मंत्र मिला था। सृष्टि निर्माण की शक्ति उन्हें इसी मंत्र की साधना से मिली थी। गायत्री की व्याख्या के रूप में ही ब्रह्माजी ने चार वेद रचे। इसलिए गायत्री को वेदमाता कहते हैं। शास्त्रकार इसे वेदों का सार कहते हैं- सर्ववेदानां गायत्री सारमुच्यते।

2016-05-12

ऋग्वेद हमे बांटकर खाना सिखाता है

Rig Veda teaches us that sharing food is a true human religion! ऋग्वेद हमे बांटकर खाना सिखाता है जो की इक सही मानव धर्म है !

2016-05-12

ये 10 सबूत बताते हैं कि विश्वभर में फैला हुआ था हिन्दू धर्म

हिन्दू धर्म के 90 हजार से भी ज्यादा वर्षों के लिखित इतिहास में लगभग 20 हजार वर्ष पूर्व नए सिरे से वैदिक धर्म की स्थापना हुई और नए सिरे से सभ्यता का विकास हुआ। प्रारंभ में ब्रह्मा और उनके पुत्रों ने धरती पर विज्ञान, धर्म, संस्कृति और सभ्यता का विस्तार किया। इस दौर में शिव और विष्णु सत्ता, धर्म और इतिहास के केंद्र में होते थे। देवता और असुरों का काल अनुमानित 20 हजार ईसा पूर्व से लगभग 7 हजार ईसा पूर्व तक चला। फिर धरती के जल में डूब जाने के बाद ययाति और वैवस्वत मनु के काल और कुल की शुरुआत हुई।

2016-05-12

हिन्दू धर्म के यह प्रसिद्ध 12 संवाद, जानकर चौंक जाएंगे

पाश्चात्यता या आधुनिकता के नाम पर विचारों का खुलापन भ्रामक विचारों के फैलने के लिए, देश विरोधी विचारों और गतिविधियों के लिए भी अच्छा माहौल तैयार करता है। लोगों को ईश्वर से काट दो, बेरोजगारी को बढ़ाओ, गरीबी का सम्मान करो, युवाओं को हर तरह की वर्जनाओं को तोड़ना सिखाओं, मीडिया के माध्यम से देश में असंतोष की आग को भड़काओं, धर्मों में फूट डालों और फिर तभी आप किसी देश को तोड़ सकते हैं। आजकल देखने में यही आ रहा है कि हमारे देश का युवा भटक गया है। वह उन विचारों के हाथों की कठपुतलियां बन गया है जो उसे ही नहीं भारत को भी बर्बादी के रास्ते पर ले जाती है।

2016-05-12

धर्म के ये प्रसिद्ध गीत-भजन, क्या आपने सुने हैं?

भजन का प्रचलन हिन्दू धर्म में नारद मुनि और हनुमानजी के काल से ही रहा है। हिन्दू धर्म में आजकल भजन को फिल्मी गीत या कव्वाली की तर्ज पर गाने का प्रचलन बढ़ गया है जोकि बहुत ही गलत है। गलत के प्रचलन को रोकने का कर्तव्य सभी का होता है। गलत का साथ देने वाला भी अपराधी होता है। बहुत से लोग अब कीर्तन में भी नहीं जाते, क्योंकि कीर्तन का स्वरूप बिगाड़कर फिल्मी कर दिया गया है। कीर्तन या भजन क्यों किया जाता था इसका महत्व भी समाप्त हो गया है।

2016-05-12