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महाभारत के सबसे बड़े योद्धा कर्ण-अर्जुन इन 4 कारणों से बन गए एक दूसरे के दुश्मन!

महाभारत के सबसे बड़े योद्धा कर्ण-अर्जुन इन 4 कारणों से बन गए एक दूसरे के दुश्मन!

महाभारत जिसमे कई पात्रो से जोड़ी  गई कई प्रकार की कहानिया है! महाभारत के अंत के साथ ही कलयुग का आरम्भ हुआ था , महाभारत में अर्जुन और कर्ण भी अपनी ही एक अलग कहानी है अपने बचपन से ही कर्ण खुद को अर्जुन से बहेतर और कौशल  योद्धा माना करते थे वही अर्जुन को खुद के क्षत्रिय होने पर और अपने कौशल पर गर्व था! ऐसे में भाई होते हुए भी ऐसा क्या कारण  था की वो एक दूसरे के ही दुश्मन बन गए...

कैसे शुरू हुई अर्जुन-कर्ण की दुश्मनी

कर्ण को पालने वाले अधिरथ जब उन्हें धनुष की शिक्षा के लिए गुरू द्रोणचरए के पास ले गए तो कर्ण ने अपने गुरु से कहा की वो अर्जुन से बेहतर धनुधर्र बनेगा! उनके प्रिये शिष्य को प्रजाति करके ये साबित करेगा की वो भले ही क्षत्रिय नहीं लेकिन सूतपुत्र होक भी अर्जुन से हर कार्य में उसे बेहतर है! लेकिन द्रोणचरिये ने कर्ण को शिक्षा देने से माना कर दिया! अर्जुन द्रोणचरिये के सबसे प्रिये शिष्य थे, और वे सबसे बेहतर धनुधर्र सिर्फ अर्जुन को ही मानते थे! कर्ण की यही महत्व्कांश ही इन दोनों भाइयो के  बीच एक बड़ी दुश्मनी की वजह बानी!

जब हुआ कर्ण का अपमान

जब कौरव और पाडंवों ने अपनी शिक्षा समाप्त कर ली उसके बाद उन लोगो की क्षमता योगिता का प्र्दशन चल रहा था! उस समय वह पे कर्ण आए ,उन्होंने फिर से एक बार अर्जुन को चुनौती दी , कर्ण की इस चुनौती से पांडव भी क्रोधित हो गए सूतपुत्र कहे के कर्ण का अपमान किया और कर्ण को प्रतियोगिता में शामिल होने से भी रोक दिया गया! कर्ण अपने साथ हुए इस अपमान से बेहद अहित हुए , जिस वजह से वो अर्जुन से और ज्यादा नफरत करने लगे!   

द्रोणचरिये ने उड़ाया भरी सबाह में कर्ण का उपहास

अज्ञातवास समाप्त होने के बाद जब विरथ का युद्ध हुआ था उस वक़्त अर्जुन ने ही पूरी कौरव सेना को अकेले ही हरा दिया था, इस घटना के बाद द्रोणचरिये ने कई बार कर्ण का उपहास उड़ाया था और हमेसा एहि साबित करना चाह की अर्जुन कर्ण से बेहतर है!

द्रौपदी  से करना चाहते थे कर्ण विवाह

माना जाता है की कर्ण भी करना चाहता था द्रौपदी से विवाह लेकिन वो विवाह में हिस्सा इसलिए नही ले क्योंकि वो एक सूतपुत्र थे! वही अर्जुन ने न केवल स्वयंवर में भाग लिया बल्कि उसे जीत भी लिया और द्रौपदी उनकी पत्नी बन गई! द्रौपदी का हुआ अपमान कौरव और पांडव के बीच युद्ध का कारण बन गया वही कर्ण और अर्जुन की दुश्मनी को भड़काने का भी कम किया!

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